परजीवी की तरह भाजपा तरह तरह का चारा ढूंढती रहती हैः हेमंत सोरेन

परजीवी की तरह भाजपा तरह तरह का चारा ढूंढती रहती हैः हेमंत सोरेन

रांची
छात्र आंदोलन, जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षा और विपक्ष की भूमिका पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मानसून सत्र के अंतिम दिन सरकार का पक्ष रखा। मुख्यमंत्री के हु-ब-हू शब्द-मुख्यमंत्री ने कहा, "अपनी बात मैं जरा आप लोगों को बताना चाहता हूं। मेरी बातों से थोड़ा आप आनंदित भी होइए। मैं विपक्ष के साथियों को कुछ बात बताना चाहता हूं। इनको बहुत आशाएं हैं हमसे भी। राज्य की जनता को तो आशा है और उनके अनुरूप हम काम भी कर रहे हैं। लेकिन इनकी जो आशाएं हैं और इनकी जो आकांक्षाएं हैं, वे इतनी अधिक हैं कि इसको पूरा करते-करते कितना जन्म लेना पड़ेगा, इसका तो अंदाजा मैं नहीं कर सकता। लेकिन निश्चित रूप से राज्य की जनता को आश्वस्त करने में हम लोग सक्षम हैं। इनके सहारे की आवश्यकता नहीं।
विगत दो-चार दिनों से जो यहां चल रहा है, उससे मुझे लगा कि हमारे विपक्ष के लोगों में अब कुछ रस बचा नहीं है। सब खत्म हो गया है, ऐसा मुझे गलतफहमी थी। लेकिन कभी-कभी ये अनेक तरह के आड़ में चुप बैठे रहते हैं और अलग-अलग स्रोतों से अपने को जीवित रखते हैं। जैसे कुछ परजीवी लोग अपने आपको जिंदा रखने के लिए अलग-अलग चारा ढूंढ़ते हैं, उसी तरीके से आज छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का इजहार कर रहे हैं। मुझे भी लग रहा है कि थोड़ा-बहुत जो इनमें रस बचा हुआ है, वह भी अगले कुछ समय के बाद खत्म हो जाएगा। 

सरकार की मंशा JPSC से जुड़े विषयों और TDPL के द्वारा ली गई परीक्षाओं के संदर्भ में बिल्कुल स्पष्ट है। आप लोग छात्रों के हित में बात नहीं रख रहे हैं और बात कर रहे हैं तो सुन भी नहीं रहे हैं। कम से कम सुनिए तो। तरह-तरह की बातें सदन में लाई जा रही हैं। CID, CBI और न जाने किन-किन चीजों की चर्चा हो रही है। जबकि सरकार की मंशा पूरे राज्य को पता है और सदन के माध्यम से भी स्पष्ट की गई है। लेकिन हमारे विपक्ष के लोग इस राज्य के भविष्य और आने वाली पीढ़ी के लिए क्या सही है और क्या गलत है, इसे समझ नहीं पा रहे हैं। विगत सात वर्षों में इनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा था। अब जिस दौड़ पर ये चले हैं, वहां भी इन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ेगा। किन-किन परीक्षाओं को रद्द करने जा रहे हैं, किन परीक्षाओं की जांच होगी, इसे लेकर सरकार ने छात्रों को आश्वस्त किया है। लेकिन विपक्ष ने इन सारी चीजों का ऐसा मकड़जाल बुना है कि युवाओं को भ्रमित किया जा रहा है। TDPL कंपनी कहां की है? यूपी के लखनऊ की है। वहां से षड्यंत्र करके यहां के यूपी-बिहार के कुछ लोगों के साथ जुड़ाव बनाकर झारखंड के नौजवानों को दिग्भ्रमित करने का काम किया जा रहा है।