बिहार: पति ने कराई पत्नी की शादी,मां ने चप्पल मारकर विदा किया

चार बच्चों की मां ज्योति का अपने पति के दोस्त सुजीत से संबंध बन गया। 14 सालों तक छिपकर मिलते प्रेमी-प्रेमिका ने जब परिवार से बगावत कर दिया तो पति ने ही उनकी शादी करवा दी। लेकिन, ज्योति की मां इस रिश्ते से बेहद खफ़ा हैं।

बिहार: पति ने कराई पत्नी की शादी,मां ने चप्पल मारकर विदा किया

बिहार के सारण में एक शादी चर्चा का विषय बन गई है। लोगों को हम दिल दे चुके सनम फिल्म की याद आ गई। पति ने अपनी पत्नी का हाथ अपने एक दोस्त के हाथ में सौंप दिया और बच्चे देखते रहे। जिले के मढ़ौरा के बहुआरा पट्टी गांव में प्रेम, सामाजिक सहमति और पारिवारिक समझौते का यह अनोखा मामला सामने आया है। लेकिन, इस प्रकरण का क्लाइमेक्स बेहद खास रहा जब मां ने बेटी को उसके प्रेमी(दूसरे पति) के साथ चप्पल से पीटते हुए विदा किया !

32 वर्षीय चार बच्चों की मां ज्योति की शादी उसके पति अनूप ने ही अपने दोस्त और महिला के प्रेमी सुजीत दास से शुक्रवार को गांव वालों, परिजनों और पंचायत की मौजूदगी में मंदिर में करा दी। 14 वर्ष पुराने प्रेम संबंध को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार पंचायत की पहल पर शादी के रूप में समाप्त हुआ। इस दौरान महिला के चारों बच्चे भी अपनी मां की दूसरी शादी के गवाह बने।

जानकारी के अनुसार महिला अपने पति के साथ आसनसोल में रहती थी। वहीं पति के एक करीबी दोस्त से उसकी नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया। बताया जाता है कि दोनों के बीच करीब 14 वर्षों से संबंध था। कुछ समय पहले प्रेमी गांव पहुंचकर महिला के साथ रहने लगा, जिसके बाद मामला परिवार और गांव में चर्चा का विषय बन गया। विवाद बढ़ने पर मामला थाने और पंचायत तक पहुंचा।

पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आपसी सहमति से समाधान निकाला गया। महिला के पति ने रिश्ते को स्वीकार करते हुए ग्राम कचहरी के पास स्थित मंदिर में दोनों की शादी करा दी। शादी की सभी रस्में ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में पूरी कराई गईं। शादी के दौरान सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब महिला के चारों बच्चे अपनी मां की नई शादी को चुपचाप देखते रहे।

इस शादी समारोह का समापन बेहद रोचक रहा। मौके पर ज्योति की मां भी मौजूद थी। वह अपनी बेटी की करतूत से बेहद नाराज थी। पति के सहयोग से जब ज्योति की शादी हो गई तो मां ने बेहद खास अंदाज में उसे विदा किया। उन्होंने अपना चप्पल हाथ में लिया और दोनों को पीटते हुए मंदिर परिसर से बाहर कर दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा- क्या विदाई दी जा रही है!