पावर स्टार पवन सिंह की उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात, राजपूत और कुशवाहा वोटों का बिहार कनेक्शन ऐसे जुड़ेगा
पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात दिल्ली में हुई है। पवन सिंह ने NDA में री एंट्री के चलते ही रिएलिटी शो राइज एंड फॉल छोड़ दिया। इसके बाद उनकी उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की पटकथा लिख दी गई। विनोद तावड़े ने इस मुलाकात के बाद बयान दिया कि पवन सिंह NDA में ही हैं और बिहार विधानसभा चुनाव में भी NDA के लिए ही काम करेंगे।
लोकसभा चुनाव में काराकाट से उपेंद्र कुशवाहा की हार में पवन सिंह का बड़ा रोल था। इसके चलते आरके सिंह भी आरा से चुनाव हार गए थे। दोनों की हार के पीछे पवन सिंह का काराकाट से चुनाव लड़ना था। वहीं औरंगाबाद लोकसभा सीट पर भी बीजेपी की हार के पीछे यही कारण था।
अब समझिए कारण
दरअसल पवन सिंह जब काराकाट से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए खड़े हुए तो राजपूत वोटरों की एक बड़ी जमात ने उनका समर्थन किया। नतीजा ये हुआ कि पवन सिंह जीते तो नहीं लेकिन वोट कटने से उपेंद्र कुशवाहा जरूर हार गए। इस हार के बाद कुशवाहा वोटरों में जबरदस्त नाराजगी पसर गई। इसके बाद कुशवाहा वोटरों ने एकमुश्त आरा और औरंगाबाद लोकसभा सीटों पर NDA के खिलाफ वोट कर दिया। नतीजा ये हुआ कि आरा में BJP से आरके सिंह तो औरंगाबाद में बीजेपी से ही सुशील कुमार सिंह चुनाव हार गए।
जानिए, क्या होगा फायदा
अब बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी इस गलती को दोहराना नहीं चाहती। इसीलिए पवन सिंह और उपेंद्र कुशवाहा में सुलह की स्क्रिप्ट लिख दी गई। इसीलिए पवन सिंह के साथ बीजेपी नेता ऋतुराज सिन्हा भी पहुंचे। इस स्किप्ट में करीब-करीब ये तय कर दिया गया कि पावर स्टार और रालोमो सुप्रीमो एक हो जाएं। ताकि विधानसभा चुनाव में न राजपूत वोटों में बिखराव हो और न ही कुशवाहा वोटर नाराज रहें।









