गिरिडीह में 48 घंटे बाद भी खदान में डूबी महिला का नहीं मिला सुराग, ग्रामीणों ने दो घंटे तक किया सड़क जाम
डेस्क
गिरिडीह जिले के गावां थाना क्षेत्र के तारापुर स्थित बंद पत्थर खदान में डूबी 55 वर्षीय सावनी मंझियान का 48 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। प्रशासन और राहत-बचाव टीम लगातार महिला की तलाश में जुटी है, लेकिन खदान के गहरे पानी में अब तक सफलता नहीं मिली है। महिला के नहीं मिलने से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार सुबह प्रशासन की कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने पटना चौक पर सड़क जाम कर दिया। ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और महिला को जल्द से जल्द खदान से बाहर निकालने की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही प्रभारी सीओ अभिषेक कुमार और थाना प्रभारी जय प्रकाश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सीओ ने दोपहर बाद राहत-बचाव टीम के पहुंचने और तलाश शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
नाव और जाल के सहारे चला सर्च ऑपरेशन
दोपहर करीब दो बजे जिला स्तर की राहत-बचाव टीम तारापुर स्थित बंद पत्थर खदान पहुंची। टीम ने नाव के सहारे गहरे पानी में महिला की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक तैराकों ने खदान के अलग-अलग हिस्सों में जाकर खोजबीन की और कई स्थानों पर जाल डालकर भी महिला को खोजने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। तैराक लगातार नाव से खदान के गहरे हिस्सों में जाते रहे। इस दौरान सीओ अभिषेक कुमार, थाना प्रभारी जय प्रकाश कुमार समेत पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी वहां जुटे रहे।
लकड़ी बेचने निकली थी महिला
बताया गया कि सोमवार सुबह लोरिया गांव निवासी सवना हंसदा की 55 वर्षीय पत्नी सावनी मंझियान घर से लकड़ी बेचने के लिए निकली थी। वापस लौटते समय वह तारापुर स्थित बंद पत्थर खदान के पास पहुंची, जहां वह खदान में जमा गहरे पानी की चपेट में आ गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते वह पानी में डूब गई। घटना के बाद से लगातार उसकी तलाश की जा रही है। 48 घंटे बाद भी महिला का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने बंद पत्थर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और सावनी को जल्द से जल्द खोजकर बाहर निकालने की मांग की है। फिलहाल राहत-बचाव अभियान जारी है।








