दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर पूरे झारखंड में श्रद्धांजलि, 9-10 अगस्त को होगा भव्य आदिवासी महोत्सव
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि 4 अगस्त को पूरे झारखंड में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी। इसे लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य के सभी 24 जिलों में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी की ओर से विभिन्न जिलों में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जहां प्रमुख चौक-चौराहों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोग गुरुजी को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राज्यभर में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भागीदारी रहने की संभावना है।
नेमरा के लुकैयाटांड़ में होगा मुख्य कार्यक्रम
मुख्य कार्यक्रम रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित लुकैयाटांड़ में आयोजित किया जाएगा, जहां करीब 10 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं और कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर सोना-सोबरन प्लस टू विद्यालय परिसर में स्थापित दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 14 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। जिला परिषद सदस्य रेखा सोरेन ने बताया कि मुख्य आयोजन लुकैयाटांड़ में होगा, जबकि गुरुजी के पैतृक गांव नेमरा में अलग से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी।
विश्व आदिवासी दिवस पर होगा झारखंड आदिवासी महोत्सव
इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस को केवल सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि आदिवासी अस्मिता, परंपरा और आधुनिक तकनीक के सबसे बड़े संगम के रूप में मनाने की तैयारी है। राज्य सरकार 9 और 10 अगस्त को रांची के मोरहाबादी मैदान में 'झारखंड आदिवासी महोत्सव' का आयोजन करेगी, जिसे दिशोम गुरु शिबू सोरेन की स्मृति को समर्पित किया गया है। पिछले वर्ष उनके निधन के कारण मुख्य कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। महोत्सव का मुख्य आकर्षण मोरहाबादी मैदान से बिरसा चौक तक निकलने वाली भव्य आदिवासी जतरा होगी। राजधानी रांची के साथ-साथ राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्रद्धांजलि सभाएं और पारंपरिक आयोजन होंगे। वहीं, दिल्ली में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी चल रही है। आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी का चयन किया जा चुका है और सूचना भवन में इसकी तैयारी को लेकर बैठक भी हो चुकी है।
5 हजार कलाकार, 100 स्टॉल और झारखंडी संस्कृति की झलक
महोत्सव में देशभर से 5 हजार से अधिक आदिवासी कलाकार, लोक कलाकार और सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। परिसर में 100 स्टॉलों वाला आदिवासी हाट-बाजार सजाया जाएगा, जिसकी बुकिंग शुरू हो चुकी है। यहां झारखंडी व्यंजन, पारंपरिक कलाकृतियां, वन उत्पाद, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही शिल्पकार लाइव क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन देंगे। महोत्सव में युवा संवाद, सेमिनार, फूड जोन और सांस्कृतिक मंच भी आकर्षण का केंद्र होंगे, जिससे आगंतुकों को झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
सबहेड: पहली बार ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और हाईटेक आकर्षण
इस बार महोत्सव में पहली बार ट्राइबल फिल्म फेस्टिवल और ट्राइबल फैशन शो का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा ड्रोन लाइट शो, डिजिटल टनल, एआर-वीआर (AR-VR), इमर्सिव एक्सपीरियंस सेंटर, काइनेटिक एलईडी वीडियो वॉल, होलोग्राफिक फैन, इंटरएक्टिव फ्लोर प्रोजेक्शन, डिजिटल स्टैंडी और एआई आधारित 3-डी चैटबॉट जैसी आधुनिक तकनीकों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन, संघर्ष और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान पर आधारित विशेष डिजिटल ट्रिब्यूट और प्रदर्शनी भी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी, जिससे नई पीढ़ी उनके संघर्ष और विरासत को करीब से जान सकेगी।




