JSSC-JPSC आंदोलन के 9वें दिन अभ्यर्थियों ने रांची में निकाला मशाल जुलूस, सरकार को दिया अल्टीमेटम

JSSC-JPSC आंदोलन के 9वें दिन अभ्यर्थियों ने रांची में निकाला मशाल जुलूस, सरकार को दिया अल्टीमेटम

JPSC-JSSC अभ्यर्थी के आंदोलन ने रविवार को नौवें दिन और तेज रूप ले लिया। अभ्यर्थियों ने रांची में मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तथा पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया की मांग दोहराई।  प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को उन युवाओं का दर्द समझना चाहिए, जिनके परिवार सरकारी नौकरी के सपने को पूरा करने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं। उनका कहना था कि कई परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जेवर तक बेच देते हैं, खेत गिरवी रख देते हैं और बड़ी उम्मीदों के साथ उन्हें रांची व हजारीबाग जैसे शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भेजते हैं।

आधे पेट रहकर वर्षों तक मेहनत करते हैं
आंदोलनकारियों ने कहा कि छात्र कभी एक समय का भोजन कर तो कभी आधे पेट रहकर वर्षों तक मेहनत करते हैं। उन्हें विश्वास होता है कि नौकरी मिलने के बाद वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। लेकिन यदि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार होता है और नौकरियां पैसों के बल पर बांटी जाती हैं, तो इससे लाखों युवाओं के सपने टूट जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। यही कारण है कि झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र अपने अधिकार और न्याय की मांग को लेकर रांची पहुंचे हैं।