बिहार में खुलेगी 34 चीनी मिलें, 25 नई इकाइयाँ और 9 पुरानी मिलें होंगी पुनर्जीवित
बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 34 चीनी मिलों की स्थापना और पुनर्संचालन का रास्ता साफ कर दिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसमें 25 नई चीनी मिलों की स्थापना शामिल है, जबकि 9 बंद पड़ी मिलों को फिर से चालू किया जाएगा। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने एक्स पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कैबिनेट के निर्णयों का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि सरकार प्रदेश में नई अर्थव्यवस्था (न्यू एज इकोनॉमी) को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों के सहारे बिहार को नई आर्थिक दिशा देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए राज्य के प्रगतिशील उद्यमियों से सुझाव लेकर नई नीतियाँ और योजनाएँ तैयार की जाएँगी। साथ ही बिहार को “वैश्विक बैक ऑफिस हब” और भविष्य के कार्यस्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी भी चल रही है।
सरकार के अनुसार, इन योजनाओं को प्रभावी रूप से जमीन पर उतारने के लिए विभिन्न विभागों, अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों की सहायता से एक विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की युवा आबादी राज्य के लिए बड़ी ताकत है और इन्हें सही दिशा देने से बिहार देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शुमार हो सकता है।
सरकार की नई औद्योगिक रणनीति के तहत बिहार को पूर्वी भारत के “नए टेक्नोलॉजी हब” के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएँगे।
उद्योगों का व्यापक नेटवर्क तैयार करने के लिए एक समग्र योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही राज्य के प्रमुख शहरों को अधिक आकर्षक और आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसी कड़ी में “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है।









